शहीद दीपक ने पत्नी से कहा था आते वक्त कश्मीरी शॉल लेकर आऊंगा लेकिन अब तिरंगे में लिपट कर आएगा पार्थिव शरीर

शहीद दीपक

चीन बॉर्डर पर शहीद हुए दीपक ने अपने घर वालों से यह किए थे वादे

पिछले कई दिनों से चल रही भारत और चीन के बीच हुई गलवान घाटी की झड़प में रीवा के रहने वाले दीपक ने अपने घर वालों से और अपनी पत्नी से कहीं वादे किए थे 12 दिन पहले जवान ने अपने घर फोन किया था और अपने घर वालों से कहा था कि लॉकडाउन खुलते ही मैं घर चला आऊंगा

लेकिन गलवान घाटी की झड़प में दीपक सिंह शहीद हो गए हैं जिसके कारण उनका घर परिवार सदमे में है और पूरे गांव में मातम फैला हुआ है दीपक रीवा गांव के फरीदा में रहते थे दीपक का भाई प्रकाश सिंह भी सेना का जवान है

शहीद दीपक ने अपनी पत्नी से किए थे यह वादे ?

दीपक की मौत की खबर बीती रात 10:00 बजे घर वालों को मिली थी लेकिन जब 12 दिन पहले जब दीपक ने अपने घरवालों और पत्नी से बात की तो लोकडाउन खुलने के बाद आने को कहा था और अपनी पत्नी से यह वादा किया था कि

मैं आते वक्त तुम्हारे लिए कश्मीरी शॉल लेकर आऊंगा लेकिन शायद ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था और दीपक अपने देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए

कब हुई थी दीपक की शादी ?

दीपक के पिता ने कहा कि मेरे बेटे की पिछले साल 30 नवंबर 2019 को शादी हुई थी और उसने 14 फरवरी को इंडियन आर्मी जॉइन की उनके पिता ने यह भी कहा कि जब आखिरी बार बात हुई थी तो कुछ ही दिनों में आने के लिए कहा था

लेकिन अब का पार्थिव शरीर तिरंगे से लिपट कर आएगा इंडियन आर्मी जॉइन करने के तुरंत बाद ही दीपक भारत और चीन की सीमा पर तैनात थे लेकिन उनके पिता ने कहा कि मुझे गर्व है मेरे बेटे पर क्योंकि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है लेकिन उनके घर में सबसे अधिक दुखी उनकी पत्नी है उनकी मौत की खबर सुनने के बाद उनकी पत्नी कई बार बेहोश हो चुकी है

दीपक को किससे मिली थी देश की सेवा करने की प्रेरणा

हमने आपको भी बताया कि दीपक का बड़ा भाई प्रकाश भी सेना का जवान है दीपक ने अपने भाई से मिलने के बाद ही इंडियन आर्मी जॉइन करने की प्रेरणा ली और 14 फरवरी 2020 को इंडियन आर्मी जॉइन करें अभी तक दीपक का पार्थिव शरीर भारतीय सैनिकों पर के पास ही है लेकिन गुरुवार तक उनका पार्थिव शरीर उनके घर तक पहुंचा दिया जाएगा

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