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Data kya hai in hindi (डाटा क्या है) what is data

दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम बात करने वाले हैं कि (Data kya hai) डाटा क्या होता है जी हां आपके दिमाग में कई बार आया होगा कि डाटा क्या होता है डाटा कितने प्रकार के होते हैं आदि कई सारे सवाल आए होंगे लेकिन आज के इस ब्लॉग को यदि आपने लास्ट तक पढ़ लिया तो आपको डाटा से संबंधित सारे सवालों का उत्तर मिलने वाला है क्योंकि इस संपूर्ण आर्टिकल में हम आपके लिए कवर करने वाले हैं डाटा से रिलेटेड हर एक इंफॉर्मेशन जो आपको बहुत पसंद आएगी तो चलिए इस Data kya hai लेख की शुरुआत करते हैं

Data kya hai इस articl की शुरुआत में अलग-अलग बिंदुओं के माध्यम से करूंगा जिसके माध्यम से आपको समझने में आसानी हो और यदि आप सिर्फ किसी एक point के बारे में जानकारी चाहते हैं तो आप उस point पर click करके वह जानकारी पढ़ सकते हैं और अपना काफी समय बचा सकते हैं Data kya hai

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1. Data kya hai डाटा क्या है What is data :-

दोस्तों डाटा कई प्रकार का हो सकता हैै जैसे कि आपके कंप्यूटर में बहुत सारे फाइल या सॉफ्टवेयर एकत्रित हैै उसे तकनीकी भाषा में डाटा कहा जाता है अब यह डाटा किसी भी रूप में हो सकता है चलिए मैं आपको सरल भाषा मैं समझाता हूं जैसे कि आपने अपनेेेे मोबाइल फोन में कोई फोटो क्लिक करें तो जब आपका फोन उस फोटो को अपने अंदर सेव करके रखता है तो आपकी वह फोटो एक डाटा बन जाती है अब डाटा के और भी कई सारे अलग-अलग प्रकार हो सकते हैं डाटा कई प्रकार का होता है चलिए हम इसके बारेे में आगे केे बिंदुओ मैंं बात करते हैं Data kya hai

2. Data की परिभाषा :-

डाटा वह जगह है जिसको आप के मोबाइल फोन या आपके कंप्यूटर में मेमोरी का स्थान दिया जाता है और कंप्यूटर में यह सीपीयूू में एकत्रित रहता हैैैैैै और मोबाइल फोन में यह डाटा रोम मैं एकत्रित किया जाता है और भी डाटा की अलग-अलग लोगों ने अपने हिसाब से अलग-अलग परिभाषा बना रखी है

3. Data कितने प्रकार का होता है Types of data :-

दोस्तों वैसे तो डाटा के अनेकों प्रकार है लेकिन मैं आपको यहांं पर प्रमुख 4 डाटा प्रकार के बारे में बतानेे वाला हूं

Numer Data :-

दोस्तों यह डाटा एक गणितीय डाटा होता है जिसे आप रोजाना अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर में यूज करते हो इस डेटा की शुरुआत 1 से होती है और 9 पर खत्म होती है 1-9 इस डेटा का इस्तेमाल आप अपनेेे कंप्यूटर में या फिर मोबाइल फोन में कोई भी फाइल या अन्य कोई और दूसरा काम करने के लिए करते रहते हो खासकर इस डाटा को numers data के नाम से जाना जाता है

Audio Data :-

कुछ तो सबसे पहले तो इस डाटा को ऑडियो के फॉर्मेट में रखा जाता है या एकत्रित किया जाता है इस डेटा की शुरुआत किसी भी ध्वनि रिकॉर्डिंग से होती है या फिर आप सरल शब्दों में एक गाने को भी ऑडियो डाटा के रूप मेंं देख सकते हो ऑडियो डाटा को समझने के लिए आप सबसे अच्छा उदाहरण रेडियो काा ले सकते हो रेडियो में ध्वनि डाटा को आप तक तरंगोंं के रूप मेंं ऑडियो के माध्यम सेे पहुंचाया जाता है ऑडियो को आप अलग-अलग रूपों में भी कन्वर्ट कर सकते हो जैसे कि MP3 , MP4 आदि कई सारे प्रकार के माध्यम से

Graphic Data :-

दोस्तों इस डाटा को आप अपने मोबाइल फोन मेंं या फिर कंप्यूटर में सेव करके रखते हो जैसे कि आपने किसी फोटो को या फिर वीडियो को कहीं पर सेव करके रखता है तो वह ग्राफिक डाटा के रूप में गिना जाएगा ग्राफिक डाटा में आप की फाइलें आदि सभी को शामिल किया गयाा है

Alphabetic Data :-

दोस्तों इस प्रकार के डाटा को अक्षर ( A, B, C) के द्वारा लिखा जाता है जैसे कि आपने इस संपूर्ण आर्टिकल को यहां तक पढ़ा तो इस आर्टिकल में जो भी मेरे द्वारा शब्द डाले गए हैं वह एक तरह से अल्फाबेटिक डाटा बन गया है और आपने कई बार प्रोग्राम सिया डाटा कोडिंग को भी लिखा होगा वहां पर भी अक्षरों के द्वारा ही पूरा प्रोग्राम बनाया जाता है तो उसे हम एक तरह से अल्फाबेटिक डाटा बोल सकते हैं अल्फाबेट डाटा को आप अपनी भाषा के अनुसार ले सकतेे हो जैसे के के के आदि आप इसे अपनी भाषा के अनुसार समझे

4. एप्लीकेशन Data क्या होता है :-

दोस्तों जब आप अपने मोबाइल फोन में किसी एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हो तो जब आप उस एप्लीकेशन में फोटोज वीडियोस या फिर कोई अन्य प्रकार की चीजोंं को देखते हो तोो उसका जंक डाटा आपके मोबाइल फोन में सेव हो जाता है और धीरे-धीरे जब आपकेे मोबाइल फोन में यह डाटा बहुत ही ज्यादा मात्रा में सेव हो जाता है तो आपका मोबाइल फोन धीरे धीरे चलने लगता है और बहुत ज्यादा हैंग होनेे लगता है तो जब वह जंग डाटा आपके मोबाइल फोन में सेव होता है तो उससे हम एप्लीकेशन डाटा बोलते हैं यह डाटा जब आप अपने मोबाइल फोन को क्लियर करते हो या सीधी भाषा में साफ करते हो तो यह सारा एप्लीकेशन डाटा डिलीट हो जाता है और आपका मोबाइल फोन अच्छे से काम करने लगता है और वह एप्लीकेशन जिसकी वजह से वह डाटा एकत्रित हुआ वह भी नया जैसे हो जाता है

5. Data संग्रहण क्या है :-

दोस्तों डाटा संग्रहण एक ऐसी जगह है जहां पर आपका सारा डाटा स्टोर रहता है जैसेे कि आप अपने मोबाइल फोन से कोई वीडियो या फोटो शूट करते हो तो वह आपके मोबाइल की मेमोरी में जाकर संग्रहित हो जाता है और आप इन फोटो और वीडियो को भले ही 2 साल 4 साल या 5 साल के बाद भी अपने मोबाइल फोन को खोलकर उसमें देखोगे तो वह सारा डाटा आपको मिल जाता है लेकिन आपके मोबाइल फोन की मेमोरी बहुत ही छोटी होती है लेकिन डाटा कई प्रकार से अलग-अलग तरीकों से स्टोर किया जाता है चलिए मैं आपको एक उदाहरण के माध्यम से समझाता हूं

जैसेे कि आपने अपने फेसबुुुक या इंस्टाग्राम अकाउंट पर कोई फोटो या वीडियो शेयर की तो वह हमेशा वहां पर अवेलेबल रहती है तो आप की फोटो और वीडियो फेसबुक के पास इंस्टाग्राम के पास अपने डाटा स्टोर में सेव करके रख ली गई है भलेे ही आप उन फोटो और वीडियो को अपने मोबाइल फोन सेे हटा दे और जब भी कोई व्यक्ति आपकेेे अकाउंट को वहां पर चेक करता है

तो उसको वहां पर आपकी फोटो और वीडियो अवेलेबल मिलती है तो फेसबुक के पास कई सारे लोगों का डाटा को संग्रहीत करनेे के लिए बड़े-बड़े स्टोर रूम बनाए गए हैं जिनके अंदर बहुत ही बड़ी बड़ी मेमोरी सिस्टम लगाया गया है और वहां पर आप सभी का डाटा एकत्रित रहता है

6. Data किसे कहते हैं :-

दोस्तों यदि मैं आपको डाटा की सही और सिंपल जानकारी बताऊं तो इसकी यह परिभाषा होगी , कंप्यूटर या मोबाइल फोन के द्वारा समझे जाने वाली हर प्रकार की जानकारी को चाहे वह वीडियो ऑडियो हो अक्षर हो या फिर नंबर उन सभी को डाटा कहा जाता है मोबाइल या कंप्यूटर से आपको किसी भी प्रकार केे डाटा को या फिर किसी भी प्रकार की जानकारी को देखने के लिए वह डाटा पहले से आपके मोबाइल फोन या कंप्यूटर में संग्रहित रहना चाहिए

7. Data प्रोसेसिंग क्या है :-

दोस्तों हमें मोबाइल या कंप्यूटर में किसी भी सूचना को प्राप्त करने या उसेेे किसी के साथ आदान प्रदान करने के लिए डाटा की जरूरत पड़ती है तो जब हम मोबाइल या कंप्यूटर में किसी भी सूचना को प्राप्त करने के लिए उस डाटा का इस्तेमाल करते है तो जब हमारेे सूचना और उसेेे इस्तेमाल करने केे बीच की जो प्रक्रिया होती है उसेे हम डेटा विश्लेषण या फिर डाटा प्रोसेसिंग कहते हैं

8. कंप्यूटर सिस्टम में डाटा क्या है :-

कंप्यूटर सिस्टम में Data kya hai दोस्तों जब आप कंप्यूटर पर काम करतेे हो तो जब आप उस कंप्यूटर के सिस्टम में जो टेक्स्ट लिखते हो या फिर जो वीडियो ऑडियो या फिर फोटो सेव करकेे रखते हो और आप उस कंप्यूटर सिस्टम के अंदर जो कुछ भी काम करतेे हो उसे कंप्यूटर सिस्टम का डाटा कहा जाता है यह डाटा कंप्यूटर सिस्टम में एकत्रित सभी मूलो का आधार होता है

9. Data कैसे बनता है :-

दोस्तों डाटा कैसे बनता है इसे आप दो तरीकों से समझ सकते हो पहला तो होता है

  1. इंटरनेट डाटा जिसके माध्यम से हम इंटरनेट चलाते हैं उसके लिए हम लोगों को महीने का या अपने अनुसार कुछ दिनों का प्लान लेना पड़ता है और उसके बदले हमेंं उस कंपनी को जिस कंपनी के माध्यम से हमने 1 महीने का प्लान खरीदा है उसे पैसे देने पड़ते हैं और वह सब कंपनियां मिलकर हमारे तक उस इंटरनेट डाटा को पहुंचाने के लिए हमारे द्वारा वह चार्ज लेती है और उसके बदले हमें वह अनलिमिटेड डाटा देती है और उस डाटा की मदद से हम हमेशा ऑनलाइन रहते हैं कंपनी को कहीं से भी डाटा खरीदने की जरूरत नहींं पड़ती है यह बस हमारे तक उस इंटरनेट सेवा को पहुंचाने के लिए उसमें जो खर्च आता है उसका चार्ज करती है
  2. दूसरे प्रकार का डाटा होता है कंप्यूटर या मोबाइल डाटा यह डाटा कोई और नहीं बनाता है इस डाटा को हम और आप सभी लोग मिलकर बनाते हैं यह डाटा हम चाहे उतनी मात्रा में बना सकते हैं चलिए मैं आपको इसे एक उदाहरण के माध्यम से समझाता हूं जैसे कि आपने कहीं पर भी कोई फोटो या वीडियो सूट की तो वह डाटा बन जाता है आपने कोई भी गाना सुना और यदि वह गाना आपके मोबाइल फोन में या कंप्यूटर में सेव है तो वह उस कंप्यूटर और मोबाइल के लिए डाटा कहलाएगा इसी तरह आप की फोटोस और वीडियोस भी डाटा के रूप में उस मोबाइल फोन या कंप्यूटर में सेव रहेगी है यह डाटा हम और आप सभी लोग मिलकर बनाते हैं

10. इंफॉर्मेशन और डेटा में क्या अंतर है :-

चलिए दोस्तों मैं आपको इंफॉर्मेशन और डेटा को बहुत ही अच्छे से समझाता हूं चलिए हम सबसे पहले इंफॉर्मेशन के बारे मेंं बात करते हैं

a. इंफॉर्मेशन

इंफॉर्मेशन उसे कहते हैं जब आप किसी डाटा को ऐसेे प्रोसेस में लिया जाता है कि वह हमें कुछ इंफॉर्मेशन प्रोवाइड करवा सके जैसे कि आपने किसी भी भी प्रकार के डाटा को एकत्रित किया और अब आपको उस डाटा में से इंफॉर्मेशन निकालनी है तो अब आपको उस डाटा को प्रोसेस करके अलग-अलग तरीकों से देखना होगा तब जाकर आप उस डांटा में से कुछ इंफॉर्मेशन निकाल पाएंगे चलिए मैं यह सब आपको एक सरल उदाहरण के माध्यम से समझाता हूं

जैसा कि मैंने आपको कुछ 1121 इस प्रकार का डाटा दिया लेकिन अब आप इन नंबरों को समझ नहीं पा रहे होंगेे क्योंकि यह क्या है तो अब ऊपर दिए गए जो नंबर है वह आपके लिए डाटा हो गया और अब आपको इसमें से इंफॉर्मेशन निकालनी है दिनांक 1/1/21 , पैसा 1,121 , समय 1:1:21 तो दोस्तों अब आप इस उदाहरण के माध्यम से समझ गए होंगे की घटनाओं को इंफॉर्मेशन में कैसे बदला जाता है और किस प्रकार किसी भी प्रकार के डाटा से इंफॉर्मेशन एकत्रित की जाती है

b.डाटा

दोस्तों डाटा कई प्रकार का हो सकता है जैसे कि आपके आसपास कितनी गति से हवाई चल रही है वहांं का तापमान कितना है वहां के पेड़ोंों की संख्या अति आप अपना नुकसान कुछ भी भेजिए समझ सकते हो जो बहुत ही ज्यादा मात्रा मेंं कितनी दूर है उसे हम डाटा कहते हैं डाटा इनफार्मेशन से थोड़ा अलग है जब हमें किसी भी व्यक्ति वस्तु यह स्थान की इंफॉर्मेशन निकालनी होती है तो हमें सबसे पहले डाटा की जरूरत पड़ती है बिना डाटा के इंफॉर्मेशन नहीं निकाली जा सकती है

11. Data का अर्थ क्या है :-

दोस्तों data का हिंदी में मतलब देने वाला होता है जैसे आपको किसी भी व्यक्ति ने कोई भी वस्तु दी तो वह वस्तु data होती है यह डाटा कई प्रकार का हो सकता है

12. मोबाइल Data क्या है :-

दोस्तों मोबाइल डाटा उसे कहते हैं जिसका इस्तेमाल आप दिनभर ऑनलाइन रहने के लिए करते हो अब आपको मोबाइल डाटा का इस्तेमाल करनेे के लिए उस कंपनी से खरीदना पड़ता है जिस कंपनी की सिम का इस्तेमाल अब आपको उस कंपनी को पैसे देकर जो लिमिट मात्रा में डाटा मिलता है उस data को मोबाइल डाटा कहा जाता है

मोबाइल डाटा का इस्तेमाल आप ऑनलाइन वीडियो देखने फोटो देखने या फिर गूगल पर किसी भी प्रकार की वेबसाइट को ओपन करनेेेे के लिए करते हो अब बात आती हैं क्या आप मोबाइल डाटा कैसे बचाएं तो दोस्तों मोबाइल डाटा बचाने के लिए आप उन वेबसाइटों या वीडियोस को कम देखें जो कुछ ज्यादा ही क्वालिटी फुुुुल होते हैं और साथ ही जब आप गूगल पर किसी साइट को ओपन करके किसी वीडियो को देखते हो तो आपके मोबाइल का डाटा ज्यादा मात्रा में खर्च होता है तो आप जहां तक हो सके यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म पर ही अधिकतर वीडियो देखें इससे आपका मोबाइल डाटा बहुत ही कम मात्रा में खर्च होता है

13. बायनरी डाटा क्या होता है :-

फ्रेंड्स बाइनरी डाटा सिस्टम ऐसा डाटा सिस्टम होता है जो सिर्फ कंप्यूटर भाषा में ही काम करता है या फिर यूं कहो की है कंप्यूटर भाषा ही समझता है चलिए मैं आपको बायनरी डाटा को विस्तार से समझाता हूं , बाइनरी डाटा ऐसा घाटा होता है जिसेे नंबर केे द्वारा प्रदर्शित किया जाता है बायनरी नंबर का या बायनरी डाटा का अधिकतर इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक मशीन है या फिर कंप्यूटर में होता है इलेक्ट्रॉनिक मशीनों या फिर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का जो वोल्टेज सर्किट या फिर वोल्टेज नंंबर होता है

उसे बाइनरी डाटा के के द्वारा प्रदेशिक किया जाता है अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन या डिवाइस का वोल्टेज सर्किट चालू है तो उसे 1 के द्वारा प्रदर्शित किया जाएगा और यदि वह मशीन का वोल्टेज सर्किट बंद है तो उसे 0 के द्वारा प्रदूषित किया जाता है इसी प्रकार बाइनरी डाटा के द्वारा ही इलेक्ट्रॉनिक मशीनें काम करती हैं इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के वोल्टेेेज सर्किट को एक और जीरो नंबर के द्वारा मापा जाता है दोस्तों जो कंप्यूटर होता है वह भी बायनरी डाटा के अनुसार ही काम करता है वह बायनरी डाटा केे द्वारा सिग्नल को ग्रहण करता है और कंप्यूटर बायनरी डाटा को ही समझ पाता है

14. डाटा एंट्री क्या है :-

दोस्त वैसे तो डाटा एंट्री को कई प्रकार से देखा जाता है डाटा एंट्री को करने के भी बहुत सर प्रकार है लेकिन यदि मैं आपको डाटा एंट्री की बहुत ही छोटी और सही परिभाषा दें तो इसका मतलब होता है किसी भी हार्ड कॉपी चाहे वह कुछ भी हो सकता है जिससे आपको कंप्यूटर पर टाइप करके सॉफ्ट रूप देना है और उसे डाटा एंट्री कहते हैं अब डाटा एंट्री क्यों की जाती है चलिए मैं आपको इसका सही उत्तर देता हूं मान लो की एक बहुत बड़ा ऑफिस है जिसमें बहुत सारी फाइलें पड़ी है लेकिन धीरे धीरे वह सब फाइलें खराब होने लगती है और

वह सभी फाइलें बहुत ही काम की मेंं होती है तो अब उन फाइलों के अंदर जो भी हार्ड डाटा है उस डाटा को कंप्यूटर में सॉफ्ट रूप में कीबोर्ड के द्वारा टाइप करके आसानी से माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल आदि दूसरी जगह पर सुरक्षित करके रखा जा सकता है दोस्तों ऐसे तो डाटा एंट्री का काम बहुत ही आसानी से मिल जाता है बस आपको डाटा एंट्री करने के लिए फास्ट कीबोर्ड टाइपिंग आनी चाहिए जिसके माध्यम से आप किसी भी हार्ड फाइल को आसानी से बहुत जल्दी कंप्यूटर में टाइप कर पाएंगे और सेव कर पाएंगे

डाटा एंट्री के प्रकार types of data entry? Data kya hai

Data कन्वर्शन :

दोस्तों इस प्रकार के डाटा को एंटर करने का काम बड़ी-बड़ी कंपनियांं करती है इन कंपनियों की बहुत सारी फाइल होती है जिनको word के अंदर कन्वर्ट करना होता है इन फाइनों का अंदर कई सारी बड़ी-बड़ी फाइल होती है जिनको या तो पीडीएफ फाइल में स्थानांतरित किया जाता है या फिर बड़ी-बड़ी पीडीएफ फाइलों को कंप्यूटर में फाइल बनाकर स्थानांतरित किया जाता है इस प्रकार के डाटा को कन्वर्ट करने का काम सिर्फ बड़ी-बड़ी कंपनियांं ही करती है और इस प्रकार के डाटा को डाटा कन्वर्शन कहां जाता है

एक्सल डाटा एंट्री :

इस प्रकार के डाटा एंट्री में आपको कंप्यूटर पर एक्सल के अंदर डाटा एंट्री की जाती है इस प्रकार का डाटा आपके पास पहले से ही किसी बुक या पेपर पर लिखा हुआ रहता है और आपको इस सारे हार्ड डाटा को एक्सेल में एंट्री करके सेव करके रखना पड़ता है इस प्रकार का डाटा बहुत ही जल्दी इंटर हो जाता है और साथ ही इसको इंटर करने में बहुत ही कम समय लगता है बस आपकी टाइपिंग स्पीड फास्ट होनी चाहिए

पेपर डॉक्यूमेंट :

दोस्तों इस प्रकार का डाटा पहले से ही पेपर पर लिखा हुआ रहता है और उसे हार्ड कॉपी को सॉफ्ट कॉपी मेंं कन्वर्ट करके कंप्यूटर पर एंटर करना होता है इस प्रकार का डाटा एंटर करना बहुत ही आसान है और यह बहुत ही जल्दी एंटर हो जाता है इस प्रकार के डाटा एंट्री को सबसे ज्यादा सरल डाटा एंटी माना जाता है

स्पेलिंग चेकर :

दोस्तों जिससे इस डाटा के नाम से ही पता चल रहा है कि यह किस प्रकार का डाटा है दोस्तोंं इस प्रकार के डाटा में आप को पहले से ही लिखा हुआ कोई आर्टिकल या फाइल मिलती है जिसमें आपको स्पेलिंग मिस्टेक का पता लगाना पड़ता है इसमें आपको किसी भी प्रकार की गलत मीनिंग का पता लगा कर उसे सही करना होता है और उस संपूर्ण आर्टिकल को बिल्कुल सही से चेक करके सेव करना पड़ता है इस प्रकार के डाटा को स्पेलिंग चेक कर डाटा एंट्री कहते हैं

जॉब एंट्री :

दोस्त आपने देखा होगा कि आप जब भी किसी जॉब पोस्टिंग साइट पर जाते हो तो वहांंं पर आपको प्रतिदिन के नई नई अपडेट होती है जो आपको वहां पर देखने को मिलती है तो इस प्रकार के डाटा को यह इन आर्टिकल को जो भी व्यक्ति उस वेबसाइट के लिए लिखता है उस प्रकार केे डाटा को जॉब एंट्री data कहा जाता है

15. डाटा सेंटर क्या होता है :-

दोस्तों आज के इस आधुनिक युग में डाटा सेंटर बहुत सारी कंपनियों के लिए और सरकार के लिए बहुत ही आवश्यक वस्तु बन गया है डाटा सेंटर के लिए बहुत सारे बड़े-बड़े रूम बनाए जाते हैं और इन रूम के अंदर डाटा सरवर होते हैं जिनके अंदर सारा डाटा सेव रहता है और यह डाटा ऐमेज़ॉन फेसबुक गूगल इनके जैसी और बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने यूजर्स के डाटा को सेव करके रखती है और जब कोई भी सिग्नल देता है तो वह सामने वाली यूजर को यह वस्तु दिखाती है चलिए मैं आपको एक उदाहरण के माध्यम से समझाता हूं

जैसे कि दोस्तों आपने यूट्यूब पर या गूगल पर डाटा क्या होता है के बारे में सर्च किया तो गूगल क्या करता है कि वह अपने पास जितनेे भी सरवर में डाटा सेव करके रखा है उनके अंदर देखता है की यूज़र ने जो सर्च किया है वह सरवर मेंं कहा रखा हुआ है और वह अपनेे उसकी कीवर्ड को ढूंढ कर उस यूजर तक पहुंचा देता है जिस यूजर ने इसके बारे में सर्च किया है और दोस्तों यह सारा काम होने में बस कुछ सेकंड लगते हैं या यूं कहो कि की एक सेकंड से भी कम समय में यह सारा कार्य हो जाता है चलिए दोस्तों फिर से मुद्दे पर आते हैं

डाटा सेंटर : एक ऐसा रूम जिसके अंदर हजारोंं की तादाद में सरवर मौजूद होते हैं और उन सब सरवर के अंदर कई सारा डाटा एकत्रित रहता है उसे डाटा सेंटर कहते हैं डाटा सेंटर सूचनाओं को एकत्रित करके रखने का स्थल है

डाटा सेंटर कितने प्रकार के होते हैं

  • निजी डाटा सेंटर : दोस्तों ने निजी डाटा सेंटर को दूसरे नाम से भी जाना जाता है इन्हें इंटरप्राइजे या फिर कैपटिव डाटा सेंटर के नाम से भी जाना जाता है इस प्रकार के डाटा सेंटर कई सारी प्राइवेट कंपनियां और सरकारी संस्थाओं के पास होते हैं यह संस्थाएं और कंपनियां अपने डाटा को अपने पास ही सेव करके रखती हैं क्योंकि ना डर होता है कि कहीं हमारा डाटा लीक ना हो जाए जिसके कारण इनको अपना डाटा अपने पास ही सेव करके रखना पड़ता है इस प्रकार के डाटा सेंटर आईटी डेवलपमेंट के द्वारा मनाए जाते हैं इस प्रकार के डाटा सेंटर अपने पास सिर्फ अपनी निजी कंपनियों के डाटा को ही सेेव करके रखता है
  • सार्वजनिक डाटा सेंटर : दोस्तों इस प्रकार का डाटा को सेव तो अपने पास ही करके रखा जाता है लेकिन यह आम लोगों के लिए खुला रहता है जैसे फेसबुक गूगल ऐमेज़ॉन इन सब का जो टाटा है वह पढ़ा तो इन कंपनियों के पास है लेकिन इस डाटा के इस्तेमाल आमतौर पर आम इंसान ही करते हैं न ते ही है

16. डाटा वेयरहाउस क्या है data warehousing :-

दोस्तों डाटा वेयरहाउस डाटा को एक जगह स्टोर करनेे का माध्यम होता है जब डाटा वेयरहाउस में डाटा को स्टोर किया जाता है तो इसमें स्टोर करने के लिए बहुत सारे हार्डवेयर का इस्तेमाल होता है जब डाटा को इन हार्डवेयर के द्वारा सरवर के समूह में या फिर कंप्यूटर में सेव किया जाता है तो उसे डाटा वेयरहाउस कहा जाता है

दोस्तों तो डाटा वेयरहाउस में नए वह हिस्टोरिकल डाटा को सेव करके रखा जाता है दोस्तो डाटा वेयर हाउस सिर्फ् डाटा को स्टोर करके ही नहीं रखता है बल्कि जो data अपने पास सेव करके रखता है उस डाटा की सिक्योरिटी भी करता है डाटा वेयरहाउस में कई प्रकार का डाटा बहुत लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है और यह वापिस उस डाटा को जल्दी से एक्सेस करने में भी मदद करता है डाटा वेयरहाउस में सारी इनफार्मेशन एक ही जगह पर स्टोर होकर रहती है

17. डाटा रिफाइनरी क्या है :-

दोस्तो डाटा रिफाइनरी सरकार के द्वारा चलाई गई एक मुहिम में जिसके द्वारा सरकार को यह लगता है की जितनी भी सोशल मीडिया कंपनियां है यह कोई और कंपनियां जो यूज़र के डाटा को सेव करके रखती हैं और कई सारी कंपनियां यूजर्स के डाटा को सेव करके उन्हेंं किसी थर्ड पार्टी व्यक्ति को बेच देती हैं तो दोस्तों सरकार अब एक ऐसी मुहिम या यूं कह लो की एक योजना चला रही है इसके द्वारा सरकार भारत में ही डाटा सेंटर बनाना चाहती है

और जो विदेशी कंपनियांं यूजर के डाटा को विदेशों में सेव करके रखती है उस डाटा को डाटा रिफाइनरी योजना के अनुसार भारत में ही सेव करकेे रखा जाएगा आपने देखा होगा कि लॉकडाउन के बाद भारत में इंटरनेट का प्रसार कितनी अधिक तेजी से हुआ है इसके बाद अधिकतर लोग अब अपना काम घर से ही ऑनलाइन करने लगे हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने लगे हैं सोशल मीडिया पर ज्यादा टाइम व्यतीत करने लगे हैं दो आप देख सकते हो कि लोग इंटरनेट को लेकर कितने ज्यादा जागरूक और सीरियस हो रहे हैं तो इस समय सरकार को अपने देश के यूजर्स के डाटा की अधिक चिंता रहती है

सरकारी एक्शन डाटा पर

आपने देखा होगा की सरकार ने चाइना के कितने ही सारे ऐप को डिलीट करवा दिया तो इसका सीधा साधा यह मतलब निकलता है कि वह सारे ऐप भारत के यूजेस का डाटा का इस्तेमाल कर रहे थे जिसके कारण भारत सरकार यूजर्स के डाटा की सेफ्टी रखते हुए उन सारे ऐप को डिलीट करवा दिया और अब सरकार यह योजना बना रही है की Facebook, Amazon और Google जैसी जितनी भी बड़ी-बड़ी कंपनियां है जो यूजर्स के डाटा को अपने पास सेव करके रखती है उन सभी के डाटा सेंटर अब भारत में ही बनाए जाएंगे और भारत में ही अमेजॉन गूगल और फेसबुक जैसी बड़ी बड़ी दिग्गज कंपनियों के डाटा सेव रहेंगे

डाटा कानून :

दोस्तों अभी तक भारत में डेटा सुरक्षा को लेकर कोई भी कानून नहीं बना है जिसके तहत यूजर्स के डाटा को गोपनीय तरीके से रखा जाए केवल भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 42a के तहत डेटा संरक्षण के लिए दिशा निर्देश देती है इसके अलावा सरकार के पास को डाटा सुरक्षा को लेकर और कोई भी कानून नहीं है अब जाकर सरकार ने ऐसा फैसला लिया है जिसके तहत सरकार पूरे भारतीय के डाटा को अपनेेेे पास सेव करके रखेगी और ऐसा करने वाला भारत दुनिया मेंं सबसे बड़ा डाटा रिफाइनरी केंद्र बन जाएगा

18. डेटा संरचना क्या है :-

डेटा संरचना में डाटा को कई तरीकोंं से या कई तरह से संगठित किया जाता है किसी विशेष संगठन के डाटा को लॉजिकल या गणितीय स्वरूप को घटा सरचना कहा जाता है जिस प्रकार केे कुशलतापूर्वक आसानी से सेेव किया जा सके और बाद में आसानी से परफॉर्म किया जा सके डाटा सरचना किसी भी प्रकार के कार्य कोर्ट को जटिल होने से रोकता है डेटा संरचनाा मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं

  • डायनेमिक डाटा स्ट्रक्चर
  • स्टैटिक डाटा स्ट्रक्चर

19. डाटा ब्रीज क्या है :-

दोस्तों आपको डाटा ब्रिज समझाने के लिए मैं आपको सबसे पहले ब्रिज का एक उदाहरण देता हो आपने देखा होगा कि जब किसी सड़क के आगे एक नदी आ जाती है तो सड़क को इस पार से उस पार पहुंचाने के लिए एक ब्रिज का निर्माण किया जाता है और उस ब्रिज का निर्माण इसलिए किया जाता है क्योंकि बड़ी-बड़ी गाड़ियां जैसे कार बस आदि यह पानी से नहीं गुजर सकती है इसलिए इनकेेेेेे लिए ब्रिज का निर्मााण किया जाताा है

इसी प्रकार डाटा ब्रिज भी ऐसा ही होता है जब किसी स्थानीय एरिया में दो नेटवर्क को एक साथ जोड़ा जाता है तो उसे डाटाब्रिज कहते हैं

20. डेटाबेस क्या है :-

डेटाबेस कई सारे डाटा का एक समूह होता है इस डाटा को आसानी से व्यवस्थित करके रखा जाता है क्योंकि बाद में जब कभी भी उस डाटा की जरूरत पड़े तो उसे आसानी से एक्सेस कर पाए

निष्कर्ष

दोस्तों हम आशा करते हैं कि आपको समझ में आ गया होगा कि Data kya hai और इसके अलग-अलग भागो के बारे में भी जानकारी मिली होगी अगर दोस्तों फिर भी आपका कोई Data kya hai से रिलेटेड कोई सवाल है तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बता सकते हो आप हम आपके सवाल का जरूर समाधान करेंगे

और दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल Data kya hai in hindi (डाटा क्या है) what is data पसंद आया हो तो इससे अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स जैसे फेसबुक व्हाट्सएप टि्वटर आदि पर जरूर शेयर कीजिए ताकि आपके दोस्तों को भी पता चले की Data kya hai

और अंत में यही हमारे इस संपूर्ण आर्टिकल Data kya hai को अंत तक पढ़ने के लिए आपका प्रेम पूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद

Article:- Data kya hai

Post by:- Trish Rana

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Teamkakainfo